आत्मशक्ति का सोपान – मासखमण का प्रत्याख्यान, राजराजेश्वरी नगर में मनाया गया तप अभिनंदन समारोह

आत्मशक्ति का सोपान - मासखमण का प्रत्याख्यान: राजराजेश्वरी नगर में मनाया गया तप अभिनंदन समारोह
quicjZaps 15 sept 2025
  • श्रीमती करुणा नाहटा ने 27 दिनों का मासखमण कर प्रस्तुत की आत्मशक्ति की मिसाल, तपस्विनी का हुआ अभिनंदन

राजराजेश्वरी नगर, 9 अक्टूबर । परम पूज्य युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री आकाश कुमार जी (ठाणा 2) के पावन सानिध्य में शुक्रवार, 9 अक्टूबर को तेरापंथ भवन में चातुर्मास के प्रथम मासखमण की अनुमोदना एवं अभिनंदन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सुजानगढ़ निवासी देवेंद्र जी नाहटा की धर्मपत्नी श्रीमती करुणा जी नाहटा को मुनिश्री ने मुखारविंद से 27 दिनों के मासखमण का प्रत्याख्यान करवाया।

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मंगल उद्बोधन प्रदान करते हुए मुनिश्री आकाश कुमार जी ने फरमाया कि बहन करुणा ने इस कठिन तपस्या के माध्यम से आत्मशुद्धि का अनुकरणीय कार्य किया है। मुनिश्री ने कहा कि आत्मा का आरोहण आंतरिक शुद्धि द्वारा ही संभव है। बाह्य स्नान से शरीर स्वच्छ होता है, जबकि तप-त्याग रूपी आंतरिक स्नान से आत्मा की शुद्धि होती है। उन्होंने कहा कि पूर्व में एक उपवास करने में भी कठिनाई महसूस करने वाली बहन करुणा ने इस बार दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। गुरुदेव की अनुकंपा से चातुर्मास में तपस्या का सुंदर वातावरण बना हुआ है।

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कार्यक्रम का कुशल संचालन मुनिश्री हितेंद्र कुमार जी ने तप की महिमा को रेखांकित करते हुए किया। सभा के कोषाध्यक्ष देवेंद्र जी नाहटा ने अपनी धर्मपत्नी के तप की अनुमोदना में गीत प्रस्तुत किया, वहीं बजरंगलाल जी नाहटा ने इसे नाहटा कुल के इतिहास का पहला मासखमण बताते हुए मुनिश्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। सभाध्यक्ष कमलसिंह जी दुगड़, तेयुप अध्यक्ष सरल जी पटावरी, तेममं अध्यक्ष श्रीमती मंजू बोथरा एवं परिजनों—सुरेंद्र जी नाहटा, श्रीमती कमलेश जी लूणिया, तन्वी नाहटा, राजकुमारी जी लूणिया, प्रिया जी छाजेड़ एवं रजनी बैद ने भी अपने भाव प्रकट किए।

कार्यक्रम के दौरान कंठी तप कर रही बहन श्रद्धा जी मणोत द्वारा जैनपट्ट एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर तपस्विनी का सम्मान किया गया। इसके अतिरिक्त, महिला मंडल की बहनों एवं पारिवारिक जनों ने संगीतमय भजनों के माध्यम से तप की अनुमोदना की। सांय 7:30 बजे मुनिवृंद के सानिध्य में एक विशेष संगीतमय तप अनुमोदना कार्यक्रम का आयोजन भी निर्धारित किया गया।