रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे की छत पर निहंग सिखों का कब्जा , इलाके में धारा 163 लागू

रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे की छत पर निहंग सिखों का कब्जा , इलाके में धारा 163 लागू
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quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026
  • गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग पर अड़े, आईटीबीपी व पुलिस बल तैनात

रुद्रप्रयाग, 22 जून । उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू इलाके में अचानक सामाजिक और सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। यहां निहंग सिखों के एक गुट ने पिछले 24 घंटे से भी अधिक समय से एक गुरुद्वारे की छत पर जबरन कब्जा जमा रखा है। ये लोग गत 16 जून को कर्णप्रयाग में स्थानीय व्यापारियों के साथ हुई एक हिंसक झड़प के मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अपने तीन साथियों को तुरंत जेल से रिहा करने की मांग कर रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए मौके पर स्थानीय पुलिस के साथ भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों को तैनात कर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर कर्णप्रयाग क्षेत्र में आगामी 27 जून तक धारा 163 (BNSS) लागू कर दी गई है।

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नगरासू गुरुद्वारे के प्रबंधक बेअंत सिंह ने इस घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कब्जाधारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि छत पर डेरा डाले ये लोग किसी भी पंजीकृत या मान्यता प्राप्त सिख संगठन से नहीं जुड़े हैं, क्योंकि असली निहंग सिख हमेशा अनुशासित होते हैं। प्रबंधक के अनुसार, इन लोगों ने गुरुद्वारे के सोलर पावर सिस्टम को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है, परिसर की पानी की सप्लाई काट दी है और वहां आने वाले श्रद्धालुओं व स्थानीय निवासियों के बीच दहशत का माहौल बना दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, गुरुद्वारे के भीतर एक बुजुर्ग श्रद्धालु को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखने की भी खबर है, जबकि एक अन्य युवा सेवादार को बाद में छोड़ दिया गया था।

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इधर, रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और एसपी निहारिका तोमर खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की पल-पल निगरानी कर रहे हैं। एसपी तोमर ने छत पर मौजूद लोगों से फोन के जरिए संपर्क साधकर नीचे आने की समझाइश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। इस बीच उत्तराखंड के गृह सचिव शैलेश बगोली ने बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है कि यह पूरा विवाद दो पक्षों के बीच आपसी मतभेदों और टकराव के कारण शुरू हुआ था और इसका कोई भी धार्मिक कोण नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द किसी भी कीमत पर बिगड़ने नहीं दिया जाएगा और गढ़वाल आईजी को इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। फिलहाल पारंपरिक पोशाक और हथियारों से लैस यह गुट छत पर डटा हुआ है, लेकिन प्रशासन ने स्थिति के पूरी तरह नियंत्रण में होने का दावा किया है।

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