रोटरी क्लब में इंटैक द्वारा श्री चैनसिंह राजपुरोहित के कथा सृजन पर संगोष्ठी आयोजित
रोटरी क्लब में इंटैक द्वारा चैनसिंह राजपुरोहित के कथा सृजन पर संगोष्ठी आयोजित


बीकानेर ,25 अगस्त । रोटरी क्लब बीकानेर के प्रांगण में इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) के तत्वावधान में सुप्रसिद्ध साहित्यकार चैनसिंह राजपुरोहित के कथा सृजन पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया।


पुलिस सेवा के साथ संवेदनशील साहित्य सृजन मिसाल- शंकरसिंह राजपुरोहित


संगोष्ठी के मुख्य वक्ता, राजस्थानी के सुप्रसिद्ध कवि व रचनाकार शंकरसिंह राजपुरोहित ने चैनसिंह राजपुरोहित के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पुलिस सेवा की चुनौतीपूर्ण एवं विकट परिस्थितियों में रहते हुए भी उन्होंने अपनी संवेदनशीलता और निष्पक्ष लेखनी को जीवित रखा। उन्होंने हिंदी और राजस्थानी साहित्य में निरंतर योगदान देकर एक अनूठी मिसाल कायम की है।
अपने उद्बोधन में चैनसिंह राजपुरोहित ने कहा कि उनकी साहित्यिक संवेदनाओं की छाप उनकी शासकीय सेवा पर भी स्पष्ट दिखाई देती है, जिसके चलते वे सदैव निष्पक्षता और सेवा भाव से कार्य कर सके। उन्होंने पुलिस सेवा के दौरान के अपने संस्मरणों को कथा रूप में पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।
साहित्यकारों ने सराहा राजपुरोहित का साहित्यिक योगदान
कार्यक्रम में बोलते हुए रवि पुरोहित और नंदलाल वर्मा ने कहा कि पुलिस जैसे कठोर प्रशासनिक विभाग में रहते हुए भी संवेदनशील मन से समाज और साहित्य की बात करना अत्यंत दुर्लभ एवं सराहनीय कार्य है।
समारोह की अध्यक्षता करते हुए राजस्थान भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के सचिव शरद केवलिया ने कहा कि ज्ञान की गहराई तक पहुँचना कठिन होता है, जिसे राजपुरोहित ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सुलभ बनाया है। कार्यक्रम का सफल संयोजन पृथ्वीराज रतनू ने किया तथा उन्होंने चैनसिंह के साथ बिताए बचपन के संस्मरण साझा किए।
संगोष्ठी में डॉ. किशनलाल बिश्नोई, शिवराज भारतीय, ओमप्रकाश शर्मा, डॉ. नमामीशंकर एवं अमरसिंह सांगरोत सहित अनेक प्रबुद्धजनों ने सहभागिता निभाई। अंत में रोटरी क्लब के अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने उपस्थित सभी विद्वतजनों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
