एसकेआरएयू- विश्व मृदा दिवस पर कृषि महाविद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन

एसकेआरएयू- विश्व मृदा दिवस पर कृषि महाविद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन
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  • खेत में मृदा प्रबंधन को लेकर किसान रहे जागरूक- डॉ नवरतन पंवार, अध्यक्ष, क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र, काजरी
  • मृदा संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व और मृदा क्षरण को नियंत्रित करने के तरीके बताए

 

बीकानेर, 05 दिसंबर। विश्व मृदा दिवस पर गुरुवार को स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कृषि महाविद्यालय और क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, काजरी बीकानेर के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कृषि महाविद्यालय सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र काजरी बीकानेर के अध्यक्ष डॉ नवरतन पंवार थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भू सदृश्यता एवं राजस्व सृजन निदेशक डॉ दाताराम कुम्हार ने की। इस अवसर पर एक प्रश्नोत्तरी का आयोजन भी किया गया। जिसके विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

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मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र काजरी बीकानेर के अध्यक्ष डॉ नवरतन पवार ने कहा कि किसान अपने खेत में मृदा प्रबंधन को लेकर जागरूक रहें और मृदा स्वास्थ्य कार्ड अवश्य बनवाएं। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व और मृदा क्षरण को नियंत्रित करने के तरीकों के बारे में बताया। साथ ही उन्होंने मृदा विश्लेषण को लेकर हाल ही में हुई प्रगति के बारे में बताया। डॉ. दाताराम ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में सभी को मृदा दिवस की बधाई देते हुए सूक्ष्म जीवों और मृदा विज्ञान के बीच संबंध को इंगित करते हुए मृदा उर्वरता में सूक्ष्मजीवों की भूमिका के बारे में बताया। साथ ही मृदा के महत्व एवं मृदा को संरक्षित करने के तरीके बताए।

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इससे पूर्व मृदा विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ शीशराम यादव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अपने संबोधन में आज के परिपेक्ष में मिट्टी का महत्व के बारे में बताया। साथ ही मृदा संरक्षण एवं मृदा उर्वरता के प्रबंधन विषय पर संबोधित किया।कार्यक्रम में पीएमई और कुलपति के ओएसडी डॉ योगेश शर्मा ने फसल उत्पादन में पौध पोषक तत्वों के महत्व के बारे में प्रकाश डाला। उन्होंने उर्वरकों के सही समय, सही मात्रा और सही स्थान के बारे में भी बताया।

एआईसीआरपी लवणीय मृदा प्रबंधन एवं खारे पानी का कृषि मे उपयोग परियोजना के प्रभारी डॉ भूपेंद्र सिंह ने लवणीय मृदा का प्रबंधन एवं खारे पानी का कृषि मे उपयोगी तकनीकों के बारे मे अवगत कराया। मृदा विज्ञान के वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र कुमार जाखड़ ने मृदा संरक्षण की जानकारी दी। डॉ. सुशील कुमार खारिया ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय के 70 से अधिक विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। जिसमें 35 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रश्नोत्तरी में प्रथम स्थान देशराज मीणा ने, दूसरा स्थान पीयूष रांकावत और तीसरा स्थान शिवानी अग्रवाल ने प्राप्त किया।अतिथियों द्वारा सफल प्रतिभागियों को मोमेंटों एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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