कार में सोए मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर की दर्दनाक मौत
कार में सोए मेडिकल कॉलेज के रेजिडेंट डॉक्टर की दर्दनाक मौत


- शराब के नशे में एसी चलाकर सोने और पेट्रोल खत्म होने से दम घुटने की आशंका
जयपुर/बीकानेर, 29 जून । राजस्थान की राजधानी जयपुर के आदर्श नगर थाना इलाके में सोमवार दोपहर एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। जयपुर के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज के एक होनहार फर्स्ट ईयर रेजिडेंट डॉक्टर का शव सड़क किनारे खड़ी उनकी ही कार में मिलने से चिकित्सा जगत और पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि डॉक्टर कार को सड़क किनारे पार्क कर अंदर एसी चलाकर सो गए थे, लेकिन बीच में पेट्रोल खत्म होने के कारण कार व एसी बंद हो गए और बंद शीशों के बीच भीषण गर्मी में दम घुटने (Suffocation) से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।


आदर्श नगर थानाधिकारी (SHO) मनीष गुप्ता ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पहचान डॉक्टर संदीप कुमार शर्मा (37) पुत्र ओमप्रकाश शर्मा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उदयपुरवाटी (झुंझुनूं) के निवासी थे। डॉ. संदीप जयपुर के प्रतिष्ठित एसएमएस मेडिकल कॉलेज के स्किन डिपार्टमेंट (Dermatology) में फर्स्ट ईयर के छात्र थे। सोमवार दोपहर करीब 3:00 बजे स्थानीय राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी कि बर्फखाना के पास रोड किनारे खड़ी एक सेंट्रो कार में एक युवक ड्राइवर सीट पर बेहद अचेत व बेसुध अवस्था में पड़ा हुआ है।


शीशा तोड़कर खोला गेट; कार में मिला शराब का क्वार्टर
सूचना मिलते ही आदर्श नगर थाना पुलिस का जाब्ता तुरंत मौके पर पहुंचा। कार के चारों गेट अंदर से पूरी तरह लॉक थे। पुलिसकर्मियों ने ड्राइवर सीट पर बैठे युवक को जगाने के लिए खिड़कियों को काफी थपथपाया और लगातार आवाजें लगाईं, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। आखिरकार पुलिस ने आपातकालीन स्थिति को देखते हुए कार का शीशा तोड़ा और अंदर से गेट के लॉक खोले। जब ड्राइवर सीट पर पड़े डॉक्टर संदीप को बाहर निकालकर जांचा गया, तो उनकी धड़कनें रुक चुकी थीं और मौके पर ही उनकी मौत होने का पता चला।
सघन जांच के दौरान पुलिस को कार के अंदर से ही शराब का एक क्वार्टर (देशी/अंग्रेजी शराब की बोतल) भी बरामद हुआ है। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एफएसएल (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने कार के भीतर से उंगलियों के निशान और अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाने के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल की मॉर्च्युरी (शवगृह) में सुरक्षित रखवाया।
5 घंटे तक बंद कार में सोए रहे; पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगा अंतिम खुलासा
पुलिस की प्रथमदृष्टया जांच और स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ में यह दर्दनाक कहानी सामने आई है कि मृतक डॉ. संदीप कुमार अत्यधिक शराब के नशे में थे। नशे की हालत में ही उन्होंने दोपहर में अपनी कार को बर्फखाना के पास सड़क किनारे खड़ा किया और तेज गर्मी से बचने के लिए इंजन चालू कर एसी (Air Conditioner) ऑन किया और गहरी नींद में सो गए। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, यह कार पिछले करीब 5 घंटों से लगातार उसी स्थान पर खड़ी हुई थी।
माना जा रहा है कि लंबे समय तक इंजन चालू रहने के कारण कार का पेट्रोल पूरी तरह खत्म हो गया, जिससे कार और उसका एसी अचानक बंद हो गए। बाहर का तापमान अधिक होने और चारों तरफ से शीशे एयर-टाइट लॉक होने के कारण कार के अंदर का हिस्सा चंद मिनटों में ही गैस चैंबर और बेहद गर्म भट्टी में तब्दील हो गया। शराब के अत्यधिक नशे में होने के कारण डॉ. संदीप को कार बंद होने और ऑक्सीजन कम होने का बिल्कुल अहसास नहीं हुआ और वह नींद में ही तड़पते रहे, जिससे अंततः दम घुटने से उनकी जान चली गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक और पुख्ता कारणों का अंतिम खुलासा मेडिकल बोर्ड द्वारा तैयार की जाने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) के बाद ही हो सकेगा।


