गंगाशहर में तीन दिवसीय वर्षीतप अभिनंदन समारोह का भव्य आगाज़

गंगाशहर में तीन दिवसीय वर्षीतप अभिनंदन समारोह का भव्य आगाज़
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मुनि अमृत कुमार के सान्निध्य में तपस्वियों का सम्मान

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बीकानेर (गंगाशहर) | 17 अप्रैल। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, गंगाशहर के तत्वावधान में तीन दिवसीय वर्षीतप अभिनंदन समारोह का शुभारंभ आज मुनि श्री अमृत कुमार जी के पावन सान्निध्य में बोथरा भवन में हुआ। आध्यात्मिक उत्साह और श्रद्धा के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में वर्षभर की कठिन तपस्या पूर्ण करने वाले साधकों का भावभीना अभिनंदन किया गया।

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तप मुक्ति का मार्ग और आत्म-शोधन की प्रक्रिया

इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए मुनि श्री अमृत कुमार जी ने वर्षीतप की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह तप प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव द्वारा प्रवर्तित है, जिन्होंने लगभग 13 माह तक अनवरत तप किया था। मुनि श्री ने कहा, “तपस्या केवल शारीरिक साधना नहीं, बल्कि महान मनोबल का कार्य है। इससे तन निरोग होता है और मन का परिमार्जन होता है। संवर जहां नए कर्मों को रोकता है, वहीं तप संचित कर्मों की निर्जरा कर मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है।” मुनि श्री ने इस अवसर पर ‘एक बार आओ तप रा गीत आपा गावा’ गीतिका का संगान भी किया।

कठिन परिस्थितियों में समभाव का नाम है तप

मुनि श्री उपशम कुमार  ने तप को ‘कर्मों की गंगा’ बताते हुए कहा कि इसमें स्नान का सौभाग्य केवल शुभ कर्मों के उदय से ही मिलता है। उन्होंने कहा कि वर्षीतप अत्यंत कठिन साधना है, जिसमें एक वर्ष से अधिक समय तक हर परिस्थिति में समभाव रखते हुए अपने कर्मों से लोहा लेना पड़ता है। उन्होंने सभी को निरंतर कर्म क्षय की प्रेरणा दी।

98 वर्षीय वृद्धा से लेकर 22 वर्षीय युवती तक ने किया तप
आज प्रथम दिन तेरापंथी सभा द्वारा 10 तपस्वियों का अभिनंदन किया गया। इस तपस्या की खास बात उम्र का दायरा रही; जहाँ 98 वर्षीय गवरा देवी सेठिया ने अपनी अटूट श्रद्धा का परिचय दिया उनके 39 वां वर्षीतप , वहीं 22 वर्षीय सुश्री गरिमा भंसाली ने पहला वर्षीतप करके युवा पीढ़ी के लिए संयम का उदाहरण पेश किया। महिला मंडल परामर्शिका भावना छाजेड़, प्रभा बैद के दूसरा वर्षीतप ,पांची देवी छाजेड़ , निर्मला बैद , किरणदेवी पुगलिया , किरणदेवी छाजेड़ ,ज्योति कुमार छाजेड़ व श्रीमती सुनिता भूराने पहला वर्षीतप करके साहस का परिचय दिया।

22 वर्षीय सुश्री गरिमा भंसाली ने पहला वर्षीतप करके युवा पीढ़ी के लिए संयम का उदाहरण पेश किया

सभा और कार्यकर्ताओं द्वारा सम्मान

तेरापंथी सभा गंगाशहर के अध्यक्ष नवरतन बोथरा, महासभा के संरक्षक जैन लूणकरण छाजेड़, तेरापंथी सभा के पूर्व अध्यक्ष अमर चंद सोनी, मंत्री जतनलाल संचेती, उपाध्यक्ष पवन छाजेड़, संगठन मंत्री कमल भंसाली और सह मंत्री शांति लाल पुगलिया सहित महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती प्रेम बोथरा, मंजू आंचलिया, संतोष बोथरा, रेखा चोरडिया, संजू लालाणी और बिंदु छाजेड़ ने तपस्वियों को साहित्य, मोमेंटो और सम्मान पताका पहनाकर उनका अभिनंदन किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती रेखा चोरडिया द्वारा किया गया। आगामी दो दिनों तक अभिनंदन का यह क्रम जारी रहेगा।