बीकानेर में हैवानियत की हदें पार, सूने घर में खेल रही नाबालिग को बंधक बनाकर दो बार किया गया दुष्कर्म
सूने घर में खेल रही नाबालिग को बंधक बनाकर दो बार किया गया दुष्कर्म



बीकानेर, 23 जून । बीकानेर जिले के ग्रामीण अंचल से रूह कंपा देने वाली एक बेहद दर्दनाक और शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां एक 13 साल की मासूम बच्ची को सूने घर में अकेली पाकर उसके हाथ-पैर बांधकर बर्बरतापूर्वक दुष्कर्म किया गया। घटना बीती 20 जून की बताई जा रही है, जब बच्ची की मां रोजाना की तरह मजदूरी के लिए घर से बाहर गई हुई थी। घटना के बाद पीड़िता के परिजनों द्वारा स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने पोक्सो (POCSO) और दुष्कर्म की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


थाने में दर्ज करवाई गई प्राथमिकी (FIR) में पीड़िता की मां ने आपबीती बताते हुए कहा कि वह अपने देवर और बच्चों के साथ गांव में ही निवास करती है। बीती 20 जून की सुबह जब वह अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए मजदूरी करने गई थी, तब उसकी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी घर में खेल रही थी। इसी दौरान सूने घर और अकेलेपन का फायदा उठाकर गांव का ही एक दबंग युवक जबरन घर की दीवार लांघकर भीतर घुस आया। आरोपी ने मासूम बच्ची को जबरदस्ती दबोच लिया और उसका मुंह बंद कर घसीटते हुए कमरे के भीतर ले गया। दरिंदगी की हदें पार करते हुए आरोपी ने बच्ची के हाथ और पैर रस्सी से बांध दिए ताकि वह शोर न मचा सके और विरोध न कर पाए। इसके बाद आरोपी ने मासूम के साथ दो बार दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया।


जान से मारने की धमकी देकर हुआ फरार, गुमसुम रहने पर खुली पोल
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने जाते-जाते पीड़िता को अत्यंत खौफनाक लहजे में धमकी दी कि यदि उसने इस घटना के बारे में अपनी मां, चाचा या गांव में किसी को भी कुछ बताया, तो वह उसे और उसके परिवार को जान से मार डालेगा। इस भयावह धमकी और शारीरिक प्रताड़ना के कारण मासूम बच्ची बुरी तरह सहम गई और मानसिक अवसाद में चली गई। मां जब शाम को काम से लौटी, तो उसने बेटी के व्यवहार में अचानक आए बदलाव और उसके अत्यधिक गुमसुम रहने पर चिंता जताई। दो दिनों तक लगातार पूछने और परिजनों द्वारा बहुत जोर देकर ढांढस बंधाने के बाद आखिरकार बच्ची फफक-फफक कर रो पड़ी और उसने अपने साथ हुई इस खौफनाक दरिंदगी की पूरी कहानी बयां की।
घटनास्थल पर पहुंचीं पुलिस उपाधीक्षक (सीओ), त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मासूम के साथ हुई इस बर्बर घटना की भनक लगते ही पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया और पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। मामले की अत्यधिक संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) स्वयं भारी पुलिस जाब्ते के साथ तत्काल पीड़ित परिवार के घर और घटनास्थल पर पहुंचीं। महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल का बारिकी से निरीक्षण किया गया और एफएसएल (FSL) टीम की मदद से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस उपाधीक्षक ने पीड़िता और उसकी मां से पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी ली तथा जांच अधिकारी को आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें गठित कर दबिश देने के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है और उसे शीघ्र ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।


