स्वर श्रृंगार साहित्य सम्मान से कमल रंगा, डॉ. मेघना शर्मा व शफीक अहमद वारसी सम्मानित, मुशायरे में जमकर बरसीं तालियां
स्वर श्रृंगार साहित्य सम्मान से कमल रंगा, डॉ. मेघना शर्मा व शफीक अहमद वारसी सम्मानित


बीकानेर, 22 जुलाई । स्वर श्रृंगार कला केंद्र समिति के तत्वावधान में कीर्तिशेष भजन गायक फकीरचंद मोदी की पावन स्मृति में ‘स्वर श्रृंगार साहित्य सम्मान 2026’ का भव्य आयोजन बीकानेर के महाराजा नरेंद्र सिंह ऑडिटोरियम (नागरी भंडार) में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


समिति के अध्यक्ष व वरिष्ठ गायक कलाकार पूनम मोदी ने जानकारी दी कि राजस्थानी, हिंदी एवं उर्दू साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ कवि-कथाकार कमल रंगा, कवयित्री व कथाकार डॉ. मेघना शर्मा तथा जयपुर के युवा शायर शफीक अहमद वारसी को स्वर श्रृंगार साहित्य सम्मान 2026 से नवाजा गया। अतिथियों ने तीनों साहित्यकारों को शॉल, श्रीफल, सम्मान पत्र एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने के बाद तीनों रचनाकारों ने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सम्मान ने साहित्य के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को और बढ़ा दिया है।


कार्यक्रम समन्वयक व वरिष्ठ शायर कासिम बीकानेरी ने बताया कि समारोह के दौरान प्रसिद्ध उर्दू शायर मरहूम बशीर बद्र की पावन स्मृति में एक भव्य कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन भी किया गया। मुशायरे में बशीर बद्र की पोती सुब्ह बद्र और कासिम बीकानेरी ने बशीर बद्र की रचनाओं को बेहद खूबसूरती से पेश कर श्रोताओं की वाहवाही लूटी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ शायर रमजान राजजामी ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बीकानेर की गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे को मजबूती मिलती है। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व पार्षद शांतिलाल मोदी और विशिष्ट अतिथि मुमताज अहमद (संगीतकार गुलाम मोहम्मद के सुपुत्र) ने समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सम्मान समारोहों से साहित्यकारों को प्रोत्साहन मिलता है और समाज को नई दिशा प्राप्त होती है।
कवि सम्मेलन और मुशायरे में शहर के कई रचनाकारों ने हास्य, व्यंग्य, ओज, करुणा एवं श्रृंगार रस की रचनाओं से समां बांध दिया। काव्य पाठ करने वालों में कासिम बीकानेरी, वली मोहम्मद गौरी, सागर सिद्दीकी, मोहम्मद मोइनुद्दीन मुईन, राजेंद्र स्वर्णकार, मनीषा आर्य सोनी, बाबू बमचकरी, डॉ. कृष्णा आचार्य, कैलाश टाक, ज्योति स्वामी और विप्लव व्यास शामिल रहे।
इससे पूर्व मां शारदे के चित्र पर माल्यार्पण और डॉ. कृष्णा आचार्य द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर साहित्य जगत और समाज की कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं। कार्यक्रम का सफल एवं सरस संचालन वरिष्ठ कवि-कथाकार कासिम बीकानेरी ने किया।


