IC मार्ट प्रकरण में बैद परिवार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रखी अपनी बात- निष्पक्ष जांच, परिवार की सुरक्षा और व्यापार पुनः शुरू करने की मांग

IC मार्ट बैकुंठपुर ,कोरिया
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

बैकुंठपुर, 24 जुलाई । जिला मुख्यालय बैकुंठपुर के बहुचर्चित IC मार्ट प्रकरण में आरोपी बनाए गए बैद परिवार की ओर से 24 जुलाई 2026 को एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मीडिया एवं आमजन के समक्ष अपना पक्ष रखा गया है। परिवार ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करना नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, विधिसम्मत और तथ्यों पर आधारित जांच की मांग करना है।

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चोरी की घटना और आपसी समझाइश से शुरू हुआ मामला

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जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पूरे मामले की शुरुआत IC मार्ट में हुई चोरी की घटना से हुई थी।  7 जुलाई 2026 को पूजा पैकरा अपनी बहन छाया के साथ दुकान में चोरी करते हुए पकड़ी गई, इससे पहले भी इसी लड़की द्वारा ऐसी घटनाएं करने की जानकारी सामने आई थी। जिनके CCTV फुटेज रिकॉर्ड हैं। पूछताछ के दौरान पूजा ने चोरी स्वीकार की तथा ले जाए गए सामान की सूची भी तैयार कर दी गई,। आईसी मार्ट प्रबंधन का उदेश्य किसी किशोरी का भविष्य खराब करना नहीं था, इसी कारण पुलिस में तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के बजाय परिजनों को बुलाकर आपसी समझाइश और सामान की भरपाई के माध्यम से मामला समाप्त करने का प्रयास किया गया।

पूजा अपने मामा पुलिसकर्मी अलंगो दास के साथ वापस आई। बातचीत के दौरान मामा ने एक पुरानी घटना के बारे में बताते हुए यह कहा कि यदि सीसीटीवी फुटेज पुलिस तक पहुंच गया तो जेल जाना तय है, यह बातचीत पूजा भी सुन रही थी., आईसी मार्ट प्रबंधन ने उसी समय स्पष्ट रूप से कहा कि उनका उद्देश्य किसी को जेल मेजना नहीं वल्कि बच्चों को ऐसी गलतियों से दूर रखना है। चोरी हुए सामान का मूल्य लगभग 20 हजार रुपये बताया गया और उसी आधार पर क्षतिपूर्ति की बात हुई, इसके बाद मामला लगभग समाप्त माना जा रहा था।
अगले दिन पूजा के पिता, जो स्बयं पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, आईसी मार्ट पहुंचे, उन्होंने सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद चोरी की घटना स्वीकार की, आईसी मार्ट संचालक ने पूजा के पिता से कहा कि आप जो उचित समझें वैसा निर्णय लें और यदि कोई सामान घर पर हो तो लौटा दें। इसके बाद भी किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। मामला समाप्त हो गया।

आत्महत्या पर जताई संवेदना, सभी पहलुओं से जांच की मांग

मार्ट से जाने के लगभग 20 घंटे बाद 8 जुलाई की दोपहर पूजा पैकरा ने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बैद परिवार ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद है, लेकिन आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यह भी देखा जाना चाहिए कि घटना से पहले परिजनों के साथ हुई बातचीत, जेल जाने के डर या अन्य घरेलू परिस्थितियों का मानसिक प्रभाव क्या रहा। केवल एक पक्ष को जिम्मेदार मानकर कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं है।

एकतरफा कार्रवाई और प्रताड़ना के गंभीर आरोप

विज्ञप्ति में कोतवाली पुलिस (अपराध क्रमांक 214/2026) की एकतरफा कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति जताई गई है। परिवार का कहना है कि IC मार्ट संचालक विनोद बैद, उनके बड़े भाई जगत बैद और अधिवक्ता दीपक बैद को जबरन आरोपी बनाया गया। इसके बावजूद विनोद बैद ने कानून का सम्मान करते हुए गिरफ्तारी दी।

परिवार ने गंभीर आरोप लगाया है कि जांच के नाम पर बुजुर्गों, महिलाओं और युवतियों को लगातार थाने बुलाकर घंटों बैठाया जा रहा है, धमकियां दी जा रही हैं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इसके अलावा, IC मार्ट को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और बैंक खातों को भी सीज कर दिया गया है, जिससे परिवार के सामने गहरा आर्थिक संकट पैदा हो गया है।

बैद परिवार की प्रमुख मांगे

निष्पक्ष जांच: अपराध क्रमांक 214/2026 की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।

अनावश्यक प्रताड़ना पर रोक: जांच पूरी होने तक महिलाओं, बुजुर्गों और निर्दोष परिजनों को थाने बुलाकर परेशान न किया जाए।

आत्महत्या के सभी पहलुओं की जांच: आत्महत्या के सभी संभावित कारणों और घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो।

दोषियों पर कार्रवाई: यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उस पर भी कानूनन कार्रवाई की जाए।

सुरक्षा एवं व्यापार संचालन: असामाजिक तत्वों से IC मार्ट व बैद परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा आवश्यक सुरक्षा के साथ मॉल को पुनः संचालित करने की व्यवस्था की जाए।

बैद परिवार ने अंत में कहा कि उन्हें भारतीय न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और वे हर निष्पक्ष जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। वे केवल इतना चाहते हैं कि कानून सबके लिए समान रूप से लागू हो और किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव या एकतरफा कार्रवाई न की जाए।

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