राजराजेश्वरी नगर में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व का तृतीय दिवस ‘सामायिक दिवस के रूप में मनाया

राजराजेश्वरी नगर में पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व का तृतीय दिवस ‘सामायिक दिवस के रूप में मनाया
क्विक जेप्स विज्ञापन 13 oct 2026

बेंगलुरु , 10 सितंबर । पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के तीसरे दिन राजराजेश्वरी नगर स्थित संघ भवन में ‘सामायिक दिवस’ अत्यंत श्रद्धा, धर्माराधना और आध्यात्मिक चेतना के साथ मनाया गया। मुनि श्री आकाश कुमार जी एवं मुनि श्री हितेन्द्र कुमार जी के पावन सान्निध्य में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सामायिक, स्वाध्याय और ध्यान की साधना कर आत्म-कल्याण का पुरुषार्थ किया।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

संतों का पावन उद्बोधन: समता और आचार्य परंपरा का स्मरण

pop ronak
bhikharam chandmal advertisment change 24 oct 2026

मुनि आकाश कुमार जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मानव बाहर शांति खोज रहा है, जिससे वह और अधिक अशांत हो रहा है। शांति का वास्तविक मार्ग मनुष्य के भीतर है और समता को जीवन में उतारे बिना सच्चा सुख संभव नहीं है। भगवान ऋषभदेव और भरत चक्रवर्ती के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि परिस्थितियों के अनुकूल-प्रतिकूल होने पर भी व्यक्ति को राग-द्वेष से ऊपर उठकर समभाव में रहना चाहिए। सामायिक इसी समता साधना का श्रेष्ठ माध्यम है।

मुनि हितेन्द्र कुमार जी ने तेरापंथ धर्मसंघ के तृतीय पट्टाधिकारी आचार्य रायचंदजी (ऋषिराय) के जीवन-वृत्त पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ‘ब्रह्मचारी’ नाम से प्रसिद्ध आचार्य रायचंदजी का स्वभाव अत्यंत मृदु, सरल व सहनशील था। उनके पुण्यानुबंधी प्रभाव के कारण भीषण गर्मी में विहार के समय भी बादल छत्र की तरह छाया करते थे। उन्होंने संघ की आध्यात्मिक उन्नति में अविस्मरणीय योगदान दिया।

युवाओं की सहभागिता और अभिनव सामायिक का उपक्रम

तेयुप अध्यक्ष सरल पाटवारी ने सामायिक को समता साधना का आधार बताते हुए सभी को प्रतिदिन कम से कम एक सामायिक करने की प्रेरणा दी। परिषद के सदस्यों ने सुमधुर सामूहिक गीतिका का संगान कर संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

अभिनव सामायिक एवं विशेष यात्रा: सामायिक दिवस के उपलक्ष्य में रात्रि में ‘अभिनव सामायिक’ का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने जप व ध्यान की विशेष आराधना की। सभा मंत्री अमित नौलखा ने बताया कि ‘गुरु दर्शनाथ हवाई यात्रा संघ’ 18 दिसंबर 2026 को रवाना होकर गुरु चरणों में पहुंचेगा और 21 दिसंबर 2026 को वापस लौटेगा।

adv change on 24 oct 2026