तमिलनाडु में शराब कारोबार में विदेशी और ग्लोबल कंपनियों को मिलेगी बाजार में एंट्री
तमिलनाडु में शराब कारोबार में विदेशी और ग्लोबल कंपनियों को मिलेगी बाजार में एंट्री



- 717 सरकारी दुकानें बंद होने से हुए नुकसान की भरपाई की कवायद; TASMAC आउटलेट्स का होगा आधुनिकीकरण
चेन्नई, 21 जून। तमिलनाडु में शराब के कारोबार को लेकर एक बहुत बड़े नीतिगत बदलाव की तैयारी चल रही है, जिसके तहत विदेशी और ग्लोबल कंपनियों को राज्य के बाजार में एंट्री मिल सकती है। सरकार का मानना है कि इस बड़े कदम से न केवल राज्य के आबकारी (एक्साइज) राजस्व में भारी बढ़ोतरी होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी उनके मनपसंद ब्रांड्स के ढेरों नए विकल्प मिलेंगे। सरकार की योजना इसके जरिए उन प्रीमियम ग्राहकों को तमिलनाडु में ही रोकने की है, जो अच्छे और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की चाहत में पड़ोसी राज्यों जैसे कर्नाटक (बेंगलुरु) और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी का रुख करते हैं।


दरअसल, राज्य का शराब बाजार पिछले कई सालों से पूरी तरह स्थानीय डिस्टिलरियों के नियंत्रण में रहा है, जिसकी वजह से आम उपभोक्ताओं के पास ब्रांड्स के बेहद सीमित विकल्प मौजूद थे। सरकार को पूरी उम्मीद है कि जैसे ही बाजार को अंतरराष्ट्रीय स्तर के ग्लोबल ब्रांड्स के लिए खोला जाएगा, वैसे ही पुराने ग्राहकों को राज्य में बनाए रखने और नए शौकीनों को आकर्षित करने में बड़ी मदद मिलेगी। इस प्रतिस्पर्धा से सीधे तौर पर सरकारी खजाने को फायदा पहुंचेगा। इस नई और आधुनिक नीति के अंतर्गत तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन (टीएएसएमएसी) की सरकारी दुकानों की सूरत भी बदली जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इन आउटलेट्स का आधुनिकीकरण किया जाएगा ताकि दुकानों पर आने वाले ग्राहकों को खरीदारी का एक सभ्य, बेहतर और सुरक्षित माहौल मिल सके।


उल्लेखनीय है कि हाल ही के दिनों में राज्य भर के 717 टीएएसएमएसी आउटलेट्स को बंद किया गया था, जिसकी वजह से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। इस घाटे की भरपाई करने के लिए ही सरकार अब ग्लोबल ब्रांड्स समेत कई नई कंपनियों को अपने उत्पाद बेचने की मंजूरी देने जा रही है। इसके साथ ही, आबकारी विभाग ने राजस्व की चोरी और लीकेज को रोकने के लिए एक और कड़ा कदम उठाया है। विभाग ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि राजनीतिक रसूख और सांठगांठ रखने वाले अधिकारियों का तुरंत तबादला किया जाए, ताकि पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा सके। माना जा रहा है कि यह नीतिगत बदलाव राज्य के शराब बाजार का पूरा परिदृश्य बदल देगा।


