सिर्फ सवा पांच माह में नमि मुनि की चार बड़ी तपस्याएं बनीं आकर्षण का केंद्र – मुनिश्री कमल कुमार

गंगाशहर में तेरापंथी मुनिगण
shreecreates
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

गंगाशहर, 22 जून। गंगाशहर में चल रहे आध्यात्मिक आयोजन के अंतर्गत उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार जी के सान्निध्य में मुनिश्री नमिकुमार जी की विशेष तपस्याओं का अनुमोदन समारोह श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार जी ने मुनि नमिकुमार जी की अल्पावधि में की गई चार बड़ी तपस्याओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि “इतिहास में पढ़ते और पूर्वजों से सुनते थे कि ऐसे तपस्वी होते थे जो एक वर्ष में कई मासखामण कर लेते थे। आज हम यह दृश्य आचार्य श्री महाश्रमण जी के काल में साक्षात देख रहे हैं।” उन्होंने बताया कि मुनिश्री नमिकुमार जी ने मात्र सवा पांच महीने में क्रमशः 39, 22, 23 और 24 उपवास की चार कठिन तपस्याएं पूरी कर अपनी साधना, शक्ति और भक्ति का परिचय दिया है। मुनिश्री ने कहा कि “तपस्या का मुख्य उद्देश्य कर्म निर्जरा है, और निष्काम तप ही व्यक्ति के लिए कल्याणकारी होता है।”

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार जी ने इस अवसर पर नमि मुनि के लिए छंदों की रचना कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने बताया कि साधु-साध्वियों को ‘तपोधन’ कहा जाता है क्योंकि उनका असली धन ज्ञान, दर्शन, चारित्र और तप होता है।

pop ronak

अपने सहदीक्षित मुनि श्रेयांस कुमार जी की तप साधना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि गंगाशहर आगमन के बाद उन्होंने लगातार 13 दिन, 12 दिन , एकान्तर की तपस्याएं कीं और अब कंठी तप का प्रत्याख्यान कर रहे हैं। इन्होंने तपस्या से अपना स्वास्थ्य स्वस्थ बना लिया। पहले जो कुछ ही कदम चलने में सहारा लेते थे, आज वे गोचरी के लिए भीनासर और बीकानेर तक जाते हैं। उनके मन में मेरे प्रति श्रद्धा का भाव है और वे बिना कहे हर कार्य में सहयोग करते हैं।

मुनि श्रेयांस कुमार जी ने नमि मुनि के तप की सराहना करते हुए मधुर गीत की प्रस्तुति दी। मुनि विमल विहारी जी ने इसे विलक्षण तप बताते हुए प्रेरणा स्रोत कहा। मुनि मुकेश कुमार जी ने भी भक्ति गीत प्रस्तुत किया।

मुनिश्री नमिकुमार जी ने अपने उद्बोधन में गुरुदेव की कृपा और उग्रविहारी तपोमूर्ति मुनिश्री कमल कुमार जी के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह के दौरान कई श्रद्धालुओं ने एकासन, उपवास, और बेले तप का प्रत्याख्यान किया। लाभचन्द आंवलिया ने 15 दिन की तपस्या का संकल्प लिया। समारोह में बड़ी संख्या में भाई-बहनों की उपस्थिति और सामायिकें श्रद्धा का केंद्र बनी रहीं। तेरापंथी सभा के मंत्री जतनलाल संचेती ने कहा कि यह आयोजन गंगाशहर के आध्यात्मिक वातावरण को और भी ऊर्जावान बना गया।

 

sesumo school
sjps

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *