जैसलमेर से आईएसआई का कथित एजेंट गिरफ्तार, सेना और बीएसएफ की गतिविधियों की फोटो-वीडियो भेजने का आरोप

जैसलमेर से आईएसआई का कथित एजेंट गिरफ्तार, सेना और बीएसएफ की गतिविधियों की फोटो-वीडियो भेजने का आरोप
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  • भारत-पाकिस्तान सीमा पर जासूसी का बड़ा भंडाफोड़

जैसलमेर/जयपुर, 17 जून। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जैसलमेर जिले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने एक विशेष और त्वरित कार्रवाई करते हुए नाचना क्षेत्र के एक युवक को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के लिए कथित रूप से जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी लंबे समय से सीमा पार बैठे अपने पाकिस्तानी हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था और भारतीय सुरक्षा तंत्र से जुड़ी अत्यंत संवेदनशील सूचनाएं साझा कर रहा था।

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दो साल से सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था आरोपी
खुफिया तंत्र की तकनीकी निगरानी और पुख्ता इनपुट के आधार पर गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान नाचना थाना क्षेत्र के खारिया गांव स्थित ‘हिगोला की ढाणी’ निवासी मुस्ताक अली (पुत्र नबी बख्श) के रूप में हुई है।

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डिजिटल नेटवर्क: प्रारंभिक जांच और तकनीकी विश्लेषण से यह खुलासा हुआ है कि मुस्ताक अली पिछले करीब दो वर्षों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के जाल में फंसा हुआ था।

संयुक्त पूछताछ: राजस्थान इंटेलिजेंस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी को तुरंत जयपुर स्थित केंद्रीय संयुक्त पूछताछ केंद्र (JIC) लाया गया। यहाँ आईबी, मिलिट्री इंटेलिजेंस और राज्य पुलिस सहित विभिन्न केंद्रीय और प्रादेशिक सुरक्षा एजेंसियों ने उससे बंद कमरे में गहन पूछताछ की, जिसमें उसके मोबाइल और डिजिटल उपकरणों से कई आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद हुए हैं।

दुकान की आड़ में सेना और बीएसएफ की गतिविधियों पर रखता था नजर
जांच में जो सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है, उसके अनुसार पाकिस्तानी हैंडलर्स ने मुस्ताक को भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र की ओर जाने वाले मुख्य रणनीतिक मार्ग पर एक दुकान संचालित करने के लिए वित्तीय रूप से प्रेरित किया था।

सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि इस दुकान का उपयोग केवल व्यापार के लिए नहीं, बल्कि भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सामरिक गतिविधियों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के उद्देश्य से किया जा रहा था। आरोपी पर आरोप है कि वह सीमा पर सैन्य वाहनों की आवाजाही, सुरक्षा बलों के मूवमेंट, नए निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी पल-पल की जानकारियां एकत्र करता था। वह इन संवेदनशील सैन्य गतिविधियों के वीडियो और तस्वीरें बनाकर कूटबद्ध (encrypted) डिजिटल माध्यमों से पाकिस्तान भेजता था।

पैसों के लालच में की देशद्रोह की कोशिश; ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट में मामला दर्ज
वित्तीय कड़ियों को खंगाल रही हैं एजेंसियां: खुफिया अधिकारियों के अनुसार, आरोपी देश की सुरक्षा को ताक पर रखकर महज कुछ रुपयों के लालच में इस घिनौने कृत्य को अंजाम दे रहा था। उसके बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स में संदिग्ध आर्थिक लेन-देन के पुख्ता संकेत मिले हैं। राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने आरोपी मुस्ताक अली के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 (Official Secrets Act) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।

वर्तमान में सुरक्षा एजेंसियों का पूरा फोकस इस बात पर है कि सीमावर्ती क्षेत्र में मुस्ताक अली अकेले ही इस देशविरोधी नेटवर्क को चला रहा था या स्थानीय स्तर पर उसके साथ कुछ अन्य लोग भी स्लीपर सेल के रूप में जुड़े हुए हैं। उसके कॉल रिकॉर्ड्स, सोशल मीडिया चैट्स और फोरेंसिक डेटा की बारीकी से जांच की जा रही है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तनाव और चौकसी के बीच सुरक्षा एजेंसियों की यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी और महत्वपूर्ण कामयाबी है।

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