शांति विद्या निकेतन के 37 वर्ष पूर्ण होने पर पक्षियों के लिए लगाए परिंडे और चुग्गा स्टैंड
शांति विद्या निकेतन के 37 वर्ष पूर्ण होने पर पक्षियों के लिए लगाए परिंडे और चुग्गा स्टैंड


बीकानेर, 25 मई। शीतला गेट के बाहर स्थित स्थानीय शांति विद्या निकेतन माध्यमिक विद्यालय के 37वें स्थापना दिवस एवं गंगा दशहरा के पावन अवसर पर विद्यालय की स्काउट-गाइड एवं करुणा टीम द्वारा जीव सेवा और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित एक विशेष अभियान चलाया गया। भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजित इस कार्यक्रम के तहत पक्षियों के लिए चुग्गा स्टैंड, परिंडे और पालसिये लगाए गए तथा उनके लिए दाना-पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई।


संस्कारयुक्त शिक्षा के 37 वर्ष: संस्थापक को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ विद्यालय के संस्थापक स्वर्गीय श्री सीताराम जी मोदी के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर शाला के कब मास्टर रमेश कुमार मोदी ने जानकारी दी कि स्व. सीताराम जी मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता लाने और संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से 25 मई 1989 को इस शाला की नींव रखी थी। उनका जीवन मंत्र था— “आप हमें अबोध बालक दो, हम आपको सुबोध बालक देंगे।” उनके इसी नैतिक पथ पर चलते हुए स्थापना दिवस को सेवा कार्यों के माध्यम से मनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।


भीषण गर्मी में बेजुबानों का सहारा बनी स्काउट-गाइड टीम
प्रधानाध्यापक हनुमान छींपा ने बताया कि विद्यालय की राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त स्काउट-गाइड टीम पिछले कई वर्षों से ग्रीष्मकाल में जीव सेवा का यह पुनीत कार्य निरंतर कर रही है। वर्तमान में पड़ रही प्रचंड गर्मी में पक्षियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था करना न केवल सेवा है, बल्कि विद्यार्थियों में संवेदनशीलता विकसित करने का एक माध्यम भी है।
करुणा प्रभारी सौरभ बजाज ने बताया कि गाइड छात्राएं पिछले छह दिनों से नियमित रूप से परिंडों की सफाई कर उनमें ताजा पानी भर रही हैं। जीवों के प्रति यह संवेदनशीलता और पर्यावरण संरक्षण के संस्कार विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण में सहायक सिद्ध होते हैं।
इन विद्यार्थियों ने लिया सेवा का संकल्प
राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त स्काउट-गाइड मानवी सोलंकी, शैली सोलंकी, खुशबू गोदारा, साक्षी गोदारा, दीपिका, आनंदी सियाग, संध्या, मानषी चौहान, राघव टाक और मालचंद दैया सहित अन्य विद्यार्थियों ने प्रतिदिन प्रातः विद्यालय परिसर में उपस्थित होकर पक्षियों की सेवा जारी रखने का सामूहिक संकल्प लिया। कब मास्टर रमेश मोदी ने पूरी टीम के उत्साहवर्धन करते हुए इस सेवा कार्य को सतत जारी रखने के लिए प्रेरित किया।


