BLO सुसाइड मामले में 4 महीने बाद सुपरवाइजर पर FIR दर्ज; काम के दबाव और सस्पेंड की धमकी ने ली थी जान

जयपुर BLO सुसाइड मामले में 4 महीने बाद सुपरवाइजर पर FIR दर्ज; काम के दबाव और सस्पेंड की धमकी ने ली थी जान
quicjZaps 15 sept 2025
STBA 5 JUNE 2026

जयपुर, 21 मार्च । जयपुर में एक सरकारी शिक्षक और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) द्वारा आत्महत्या किए जाने के करीब चार महीने बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बिंदायका थाना पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत और सुसाइड नोट के आधार पर सुपरवाइजर सीताराम बुनकर के खिलाफ ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ का मामला दर्ज किया है। यह मामला विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों द्वारा दिए गए अत्यधिक मानसिक दबाव से जुड़ा है।

indication
L.C.Baid Childrens Hospiatl

ट्रेन के आगे कूदकर दी थी जान
घटना पिछले साल 16 नवंबर 2025 की है, जब कालवाड़ रोड के धर्मपुरा निवासी मुकेश कुमार जांगिड़ (48) ने बिंदायका फाटक के पास ट्रेन के आगे छलांग लगा दी थी। मुकेश राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल, नारीकाबास में शिक्षक थे और झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के भाग संख्या-175 में BLO के रूप में अतिरिक्त सेवाएं दे रहे थे। उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है, जो इस अचानक हुए हादसे से टूट गए थे।

pop ronak

सुसाइड नोट में छलका था दर्द
पुलिस को मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट में चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। मुकेश ने आत्महत्या से तीन दिन पहले ही 13 नवंबर को अपना दर्द कागज पर उकेरा था। नोट में स्पष्ट लिखा था कि राज्य सरकार के SIR कार्यक्रम के चलते वह मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुके हैं। इंचार्ज सीताराम बुनकर उन्हें बार-बार फोन कर सस्पेंड करने की धमकी दे रहे थे और काम का अनुचित दबाव बना रहे थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।

पिता के आरोपों पर पुलिस की कार्रवाई
मृतक के 69 वर्षीय पिता नानगराम जांगिड़ ने शनिवार को औपचारिक प्राथमिकी दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया कि उनका बेटा पूरी निष्ठा से घर-घर जाकर फॉर्म वितरित कर रहा था। इसके बावजूद सुपरवाइजर द्वारा उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। एसआई गोवर्धन सिंह के अनुसार, पुलिस अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच करवाएगी और आरोपी अधिकारी से पूछताछ की जाएगी। यह मामला सरकारी तंत्र में काम के बढ़ते बोझ और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

सुसाइड नोट में अधिकारियों पर परेशान करने का लगाया आरोप
गजानंद ने बताया कि जब हम सुसाइड नोट का मोबाइल से फोटो खींचने लगे तो पुलिसवालों ने सुसाइड नोट अपने पास ले लिया। जब हमने विरोध किया तो सुसाइड नोट पढ़कर हमें सुनाया।
जिसमें लिखा था कि राज्य सरकार की एसआईआर कार्यक्रम के चलते मैं परेशान हो चुका हूं। एसआईआर इंचार्ज सीताराम बुनकर बार-बार फोन करके मेरे ऊपर काम का दबाव बना रहे हैं, सस्पेंड करने की धमकी दे रहे हैं।

 

sesumo school
sjps

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *