गंगाशहर में ‘श्री उत्सव 2026’ का भव्य समापन: महिला स्वावलंबन और उद्यमिता का दिखा अनूठा संगम, 5000 से अधिक लोगों ने देखा मेला
गंगाशहर में 'श्री उत्सव 2026' का भव्य समापन


बीकानेर\ गंगाशहर । तेरापंथ महिला मंडल, गंगाशहर द्वारा अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में आयोजित तीन दिवसीय “श्री उत्सव 2026 – एक कदम स्वावलंबन की ओर” का 17 से 19 जुलाई 2026 तक तेरापंथ भवन, गंगाशहर में सफलता और भव्यता के साथ समापन हुआ। महिला उद्यमिता, आत्मनिर्भरता एवं सृजनशीलता को समर्पित इस आयोजन में तीन दिनों तक विविध कार्यशालाओं, सांस्कृतिक और प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में आमजनों, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।


‘श्री उत्सव 2026’ का शुभारंभ मुनिश्री अमृत कुमार जी के मंगलपाठ तथा मुख्य अतिथि डीएलएसए की सेक्रेटरी श्रीमती मांडवी राजवी और अभातेममं की कोषाध्यक्ष श्रीमती ममता रांका के करकमलों से हुआ। अतिथियों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। महोत्सव के दौरान विभिन्न महिला उद्यमियों द्वारा 75 आकर्षक स्टॉलें लगाई गईं, जिनका 5000 से अधिक आगंतुकों ने अवलोकन किया और महिला उद्यमियों के उत्पादों की जमकर सराहना की।


उत्सव के दौरान महिलाओं के कौशल विकास हेतु कई उपयोगी कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। प्रथम दिन केक एवं बेकरी कार्यशाला, दूसरे दिन कन्या मंडल संयोजिका सुश्री गरिमा भंसाली के संयोजन में हेयर स्टाइल कार्यशाला और अंतिम दिन खुशी डागा के निर्देशन में कलात्मक गिफ्ट पैकिंग कार्यशाला आयोजित की गई। इसके अलावा, सायं के समय हेमा पारख व सुमित्रा बोथरा द्वारा ‘फन फिएस्टा’ गेम्स, विशिष्ट कवयित्री श्रीमती मनीषा आर्य के सान्निध्य में भव्य कवयित्री सम्मेलन तथा समापन दिवस पर मैजिशियन डॉ. अभिजीतसिंह सांखला द्वारा प्रस्तुत मैजिक शो ने सभी का भरपूर मनोरंजन किया।

कार्यक्रम के दौरान सीओ हिमांशु, थानाधिकारी (SHO) परमेश्वर सुथार तथा क्षेत्रीय विधायक जेठानंद व्यास ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर महिला सशक्तिकरण के इस प्रयास की सराहना की। विधायक व्यास ने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए सामाजिक समरसता और सजगता का संदेश दिया।
संरक्षिकाद्वय नयनतारा छल्लाणी व शारदा डागा, अध्यक्षा प्रेम बोथरा, मंत्री रेखा चौरड़िया, संयोजक मीनाक्षी आंचलिया व भारती दफ्तरी, स्टॉल बुकिंग सहयोगी अनुपम सेठिया, कविता चोपड़ा, पिंकी चोपड़ा और समस्त कार्यकारिणी के निष्ठावान सहयोग से यह त्रिदिवसीय आयोजन ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ।


