टीपीएफ बीकानेर की ‘भिक्षु भजन संध्या’ में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
टीपीएफ बीकानेर की 'भिक्षु भजन संध्या' में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब



- भक्ति और परोपकार का संगम
गंगाशहर, 9 फरवरी । तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (TPF), बीकानेर द्वारा ‘आचार्य महाप्रज्ञ शिक्षा सहयोग योजना’ के निमित्त आयोजित ‘भिक्षु भजन संध्या’ ने गंगाशहर के शांतिनिकेतन (साध्वी सेवा केंद्र) को भक्ति और करुणा के अनूठे रंग में सराबोर कर दिया। इस गरिमामय संध्या का मुख्य उद्देश्य समाज के मेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए फंड एकत्रित करना था, जिसमें बीकानेर के श्रावक समाज ने अपनी उदारता और अटूट श्रद्धा का परिचय दिया।


कार्यक्रम की शुरुआत सुश्री एकता पुगलिया द्वारा सुमधुर मंगलाचरण से हुई। इसके पश्चात टीपीएफ बीकानेर के अध्यक्ष रतन छलाणी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए ‘शिक्षा सहयोग योजना’ की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह छात्रवृत्ति योजना न केवल पात्र विद्यार्थियों को वित्तीय संबल प्रदान कर रही है, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है।


आध्यात्मिकता के साथ सामाजिक सरोकार- हिम्मत मांडोत
टीपीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिम्मत मांडोत ने फोरम के सेवा कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि देशभर में 11,000 से अधिक प्रोफेशनल्स इस मंच से जुड़कर आध्यात्मिकता और सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से इस पुण्य कार्य में भागीदार बनने की अपील की, जिससे प्रेरित होकर कई श्रावकों ने मौके पर ही बड़ी सहयोग राशियों की घोषणा की। शिक्षा के क्षेत्र में टीपीएफ का यह प्रयास समाज की भावी पीढ़ी के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो रहा है।
कमल सेठिया के भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण
भजन संध्या के मुख्य आकर्षण श्रद्धानिष्ठ संगायक कमल सेठिया रहे। उन्होंने अपनी भावपूर्ण और सुमधुर वाणी से भिक्षु स्वामी की परंपरा पर आधारित ऐसे भजन प्रस्तुत किए कि समूची सभा मंत्रमुग्ध हो गई। संगीत के सुरों के साथ जब भक्ति के बोल गूंजे, तो पूरा हॉल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। श्रोताओं की तालियों और ‘जय भिक्षु’ के जयकारों ने संध्या को अविस्मरणीय बना दिया।
सफल आयोजन और समन्वय
कार्यक्रम का कुशल संचालन राष्ट्रीय प्रभारी प्रवीण जैन एवं देवेंद्र डागा ने किया। इस अवसर पर टीपीएफ की राष्ट्रीय टीम के साथ स्थानीय तेरापंथी सभा के पदाधिकारी, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहे। अंत में आयोजकों ने सभी दानदाताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
